समीक्षाएं ,कोरोना काव्य
समीक्षा
पुस्तक का नाम - कोरोना काव्य संग्रह
(ई-बुक)
संपादक - डा० राजीव पांडेय
पृष्ठ संख्या- 60
रचनाकार - 57
प्रकाशन तिथि- लौकडाउन अवधि के मध्य
12.04.2020
काव्यकुल संस्थान(पंजीकृत), गाज़ियाबाद
से प्रकाशित ई-बुक, काव्यकुल सृजन(कोरोना काव्य) वैश्विक महामारी 'कोरोना' को समर्पित है।
कलमकारों की भावनाएं सामयिक परिस्थितियों पर अवश्य मुखरित होती हैं और उन्हीं भावनाओं से उपजे शब्दों से कविता का सृजन होता है।
कोरोना काव्यसंग्रह के संपादक डा० राजीव पांडेय जी का उद्देश्य उन्हीं शब्दकारों की भावनाओं को सामूहिक रूप देकर आने वाली पीढ़ियों तक इनके संदेश को प्रसारित करना है।
60 पृष्ठों के इस काव्य संग्रह में देश के विभिन्न प्रदेशों के 57 कवियों की रचनाएं सम्मिलित की गई हैं।
आवरण पृष्ठ की परिकल्पना एवं रंग रूप आकर्षक है जो इस संग्रह के विषय को स्वयं परिभाषित करती है।
संपादक महोदय द्वारा रचित भावपूर्ण सरस्वती वंदना वीणावादिनी के चरणों में नमन है।
इस संग्रह में सभी रचनाकारों की रचनाएं इस महामारी की विभीषिका को अत्यंत संवेदनशील लेखनी के माध्यम से प्रस्तुत करतीं हैं।
काव्यसंग्रह का उच्चस्तरीय मनोहारी संयोजन तकनीकी दृष्टि से उत्कृष्ट है। संपादक महोदय की दूरदर्शी परिकल्पना एवं प्रयास अतीव सराहनीय है।
डा०राजीव पांडेय जी को इस काव्यसंग्रह की सफलता की अनेक शुभकामनाएं
सभी रचनाकारों को बधाई
यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि संस्कार वैभव की 4 सदस्यायों की रचनाओं को इसमें स्थान मिला है। हम सभी आपका आभार व्यक्त करतें है🙏
धन्यवाद🙏
मनीषी सिन्हा
गाज़ियाबाद( उ०प्र०)
👌👌👍🌹🙏 कोरोना संकट के इस दौर में आपने देश भर से चुने हुए रचनाकारों की कोरोना रोकथाम के लिये लिखी गईं शिक्षाप्रद व प्रेरक रचनाओं का संकलन किया ,और अपनी श्रम साधना से सींचकर एक अदभुत कृति बनाकर राष्ट्रहित में समर्पित कर सभी रचनाकारों को कृतार्थ किया है । आपको अनन्त आत्मिक बधाई 💐🙏
डॉ राजीव पाण्डेय जी , आपको सहयोग करने वाली पूरी टीम को बधाई 💐🙏 सभी रचनाकरों को बधाई ।
धन्यवाद , आभार 🌹🙏
-- सुरेन्द्र सिंह राजपूत 'हमसफ़र'
देवास मध्यप्रदेश
कवि निधि वर्मा: आदरणीय डा. राजीव पांडेय जी नमस्कार
ईबुक “कोरोना काव्य” संकलन के प्रकाशन पर आपको बहुत- बहुत शुभकामनाएं एंव बधाई।हिंदी के प्रति आपका समर्पण ,निरंतर सक्रियता व हिंदी को उच्च शिखर पर स्थापित करने में आपकी भूमिका सदैव प्रशंसनीय रही है ।इस संकलन में मेरी रचना को स्थान देने के लिये मैं ह्रदय से आभार करती हूँ। अनेक मंगल कामनाओं के साथ
निधि वर्मा🙏🏻
कवि मैत्री मेहरोत्रा: आदरणीय राजीव जी ई बुक "करोना काव्य" के संकलन के लिए आपको बहुत-बहुत बधाई💐💐 संकलन का आवरण पृष्ठ अत्यंत आकर्षक एवं विषय के अनुरूप है। इतनी अल्प अवधि में पुस्तक का सृजन निश्चय ही प्रशंसनीय है और आप के अथक सतप्रयासों का फल है। हिंदी के लिए आपकी निष्ठा प्रशंसनीय एवं अनुकरणीय है। मेरी रचना को संकलन में स्थान देने के लिए हृदय से आपकी आभारी हूं। अनेकों मंगल कामनाओं के साथ
मैत्री मेहरोत्रा
कवि बृजेन्द्र नारायण द्विवेदी बनारस: मित्रवर डा. साहब पाण्डेय जी,प्रणाम,बहुत सुन्दर संकलन कोरोना पर बन पड़ा है,सत्प्रयास के लिये बहुत बहुतधन्यवाद,पुनश्च कोई भी आयाम अछूता नहीं रहा है.सतर्क एवं सुरुचिपूर्ण सम्पादन के लिये क्या कहूँ, शब्द नहीं मिल रहे..नमस्कार
डा. ब्रजेन्द्र नारायण द्विवेदी
"शैलेश"वाराणसी
ब्रह्मप्रकाश वशिष्ठ 'बेबाक': सभी कवियों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाइयां।
आदरणीय डाक्टर राजीव पांडेय जी का विशेष आभार अभिनंदन।
काव्यकुल संस्थान पंजीकृत को प्रकाशक के रूप में नये आयाम स्थापित करने के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई🙏
वशिष्ठ बेबाक🙏🇮🇳
अतर सिंह प्रेमी: परमादरणीय डॉक्टर राजीव पांडे जी
सादर नमन
कोरोना पर बहुत सुंदर संकलन निकालने के लिए बहुत-बहुत आभार स्तुति कार्य आपने किया है इस असद प्रयास के लिए आपको बार-बार नमन
संकलन बहुत अच्छा है जितनी तारीफ की जाए कम है आगे भी इसी प्रकार के सृजन को सार्थक आयाम देकर शिखर शिखर की ऊंचाइयों पर पहुंचाने हेतु प्रयासरत रहेंगे हम आपके साथ हैं
पुनश्च बहुत-बहुत आभार
अनुपमा शालीमार: बहुत खूब,आपकी कार्यकुशलता,एवं कर्त्तव्यपरायणता अद्भुत है,बेमिसाल है।साहित्य के प्रति आपका समर्पण सदैव हीं हम सबके लिए प्रेरणस्रोत बनता है।🙏🙏
आदरणीय राजीवजी, ईबुक के रूप में कोरोना काव्य का प्रकाशन आपकी अद्भुत कार्यकुशलता का परिचय देता है। रचनाएं संग्रह कर बहुत ही कम समय में पुस्तक रूप में पाठकों तक पहुचाना आपकी संकल्प शक्ति का परिचय देता है। आपको अनेक शुभकामनाएँ। काव्यकुल की उत्तरोत्तर प्रगति की कामना सहित: मीना जैन।
कवि डॉ दीपंकर गुप्त बदायूँ: करोना काव्य सृजन,
देता हर्ष अतीव ।
हृदय से आभार है,
भाई श्री राजीव ।
आपका अपना
सदैव शुभाकांक्षी
डॉ दीपन्कर कवि
संपादक वैश्य दूत नया सूरज एवम् मेरी बरेली ।
मिथिलेश दादा बैशाली: आ.डा.राजीव कुमार पाण्डेय जी
आज आपका "काव्य "कुल सृजन का अवलोकन कर अपार हर्ष का तथा आप पर अत्यन्त गौरव का अनुभव कर रहा हूँ वास्तव में इस तरह का संकलन का निकला सराहनीय कार्य है
और आप बधाई के पात्र है मुझे आशा ही नही विश्वास है कि आपके द्वारा भविष्य में भी ऐसे महान कार्य संपादित होते रहेगे
मिथिलेश गुप्ता हर्ष
कवि.मनीषी सिन्हा: ई बुक संकलन के लिए आदरणीय राजीव जी को बहुत बहुत बधाई💐संकलन का संयोजन एवम मुखपृष्ठ अत्यंत आकर्षक है।आपके सार्थक प्रयास को नमन🙏
कवि राघवेन्द्र पाण्डेय अमेठी: अद्भुत संपादन।यह अनूठा साहित्यिक कार्य आपकी लगन,समर्पण, अभिरुचि,समष्टि से जुड़ाव ,सूझ बूझ,दूर दर्शिता और विद्वत्ता का चरम प्रमाण है।
इस अतुलनीय उपलब्धि पर आपके साथ सभी आदरणीय सर्जकों को कोटि कोटि बधाइयां। अपार प्रसन्नता और उत्साह की अनुभूति के साथ प्रणाम।🙏
डॉ हरिनाथ मिश्र: आ.डॉ0राजीव पाण्डेय जी को कोटिशः बधाई एवं साधुवाद।अनूठा संकलन,अद्भुत सृजन।हर दृष्टि से प्रशंसनीय प्रयास।मुख्य आवरण से लेकर अंतिम पृष्ठ तक आकर्षित करने वाली कृति अत्यंत श्लाघ्य है।
आप को पुनः बहुत-बहुत बधाई,आदरणीय।
डॉ0हरि नाथ मिश्र
कवि राघवेन्द्र पाण्डेय अमेठी: अवश्य।यह हमारा पुनीत कर्तव्य है।काव्य कुल का विराट फलक सामाजिक प्रेरणा हेतु सृजन में अनुकरणीय कीर्तिमान स्थापित करेगा।ऐसा मेरा विश्वास है।शुभकामनाएं।🙏
कवि डॉ अनिल शर्मा: भाई साहब इस ६५ पृष्ठीय संकलन में आपने एक से बढ़कर एक रचना दी है।आपकी कुशल संपादन कला हर पृष्ठ,रचना में झलक रही है।इस ऐतिहासिक संकलन हेतु हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई
कवि रोहित हिमकर: आदरणीय संपादक महोदय जी आपको इस सृजन हेतु हार्दिक बधाई एवं धन्यवाद देना चाहता हूं कि आप अपने कार्य से हम सबको एक प्रेरणा दिए की अभी भी कलमकार का वजूद कायम है . मैं आभारी हूं आपका का मुझ जैसे अदना रचनाकार को आपने इस पुस्तक में जगह दी वह भी पूर्णतः नी: शुल्क मां शारदे आपको लम्बी उम्र दें आप स्वस्थ रहो और अपने इस साहित्य यज्ञ में आहुति देने के लिए रत्ती भर जगह मेरे लिए सुरक्षित रखें
आपका अपना
*रोमित हिमकर*
कवि मृदुल पाराशर फिरोजाबाद: 🙏🏻🙏🏻
परम आदरणीय संपादक सर आपको धन्यवाद ।
आपने इस अदने से बालक की कलम को ( जो कि अभी पकड़ना सीख रहा है) पत्रिका में जगह देने के लिये आभार ।
कवि मनोज मधुर भरतपुर: डॉ. पाण्डेय जी,
सादर अभिवादन 🙏
एक सराहनीय कार्य...👍🌹
समस्त कविवृन्दों की रचनाएँ उत्कृष्ट एवं सामयिक चिंतन से ओतप्रोत।मेरी रचना को स्थान देने के लिए साधुवाद 💐💐
आपने काव्यकुल में कोरोना के विविध पक्षों को अभिव्यक्त करने वाली अच्छी कविताओं का संकलन किया है।मेरी कविता को स्थान देने के लिए आपका हार्दिक आभार.. राधे राधे।
डॉ मधुर बिहारी गोस्वामी
वृंदावन
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