ऑपरेशन सिन्दूर
भारतीय सैनिकों ने, कहानी लिख जोरदार। आतंकी वारदात को , धूल में मिला दिया। देश की धमनियों का ,रक्त जब खौल गया शरारती शरीफ की,चूलों को हिला दिया। पानीदार आदमी से, मोल जब पंगा लिया, पाक को रगड़ पानी, जूतों में पिला दिया। नारी के सुहाग पर,बात जब बन आयी, सिन्दूरी बारूद ने तो,हूरों से मिला दिया। *जो भारत के स्वाभिमान पर,तिरछी नज़र उठाएगा।* *कसम भारती की खाता हूँ,मिट्टी में मिल जाएगा।* सत्रह बार माफ करने की परिपाटी को छोड़ा है। परिवर्तन की इस बेला में, कुछ नियमों को जोड़ा है। जो सम्मान सहित बोलेगा, उसको आदर देते हैं, लेकिन भृकुटि तानी जिसने, गर्दन पकड़ मरोड़ा है। अब हमसे टकराने वाला, अपने मुँह की खायेगा। *कसम भारती की खाता हूँ,मिट्टी में मिल जाएगा।।* 1 ऋषि मुनियों की पावन भूमि,संस्कार की जननी है। वचन निभाने के परिपोषक,एक ही करनी कथनी है। राष्ट्र वंदना करने वाले, झुकते कब तलवारों से, दुष्कर्मी को इसी जन्म में, अपनी कीमत भरनी है। दूध छठी का तुझको अब, भारत याद दिलाएगा। *कसम भारती की खाता हूँ,मिट्टी में मिल जाएगा।।* 2 बदले भारत की ताकत का, दुनिया लोहा मान रही। फौलादी ये वक...