संदेश

मई, 2024 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

समीक्षाएं ,कोरोना काव्य

समीक्षा पुस्तक का नाम - कोरोना काव्य संग्रह (ई-बुक) संपादक - डा० राजीव पांडेय पृष्ठ संख्या- 60 रचनाकार - 57 प्रकाशन तिथि- लौकडाउन अवधि के मध्य 12.04.2020 काव्यकुल संस्थान(पंजीकृत), गाज़ियाबाद से प्रकाशित ई-बुक, काव्यकुल सृजन(कोरोना काव्य) वैश्विक महामारी 'कोरोना' को समर्पित है। कलमकारों की भावनाएं सामयिक परिस्थितियों पर अवश्य मुखरित होती हैं और उन्हीं भावनाओं से उपजे शब्दों से कविता का सृजन होता है। कोरोना काव्यसंग्रह के संपादक डा० राजीव पांडेय जी का उद्देश्य उन्हीं शब्दकारों की भावनाओं को सामूहिक रूप देकर आने वाली पीढ़ियों तक इनके संदेश को प्रसारित करना है। 60 पृष्ठों के इस काव्य संग्रह में देश के विभिन्न प्रदेशों के 57 कवियों की रचनाएं सम्मिलित की गई हैं। आवरण पृष्ठ की परिकल्पना एवं रंग रूप आकर्षक है जो इस संग्रह के विषय को स्वयं परिभाषित करती है। संपादक महोदय द्वारा रचित भावपूर्ण सरस्वती वंदना वीणावादिनी के चरणों में नमन है। इस संग्रह में सभी रचनाकारों की रचनाएं इस महामारी की विभीषिका को अत्यंत संवेदनशील लेखनी के माध्यम से प्रस्तुत करतीं हैं।...

सृजक समीक्षा

  पिता विषय पर अनुपम काव्य संग्रह है 'सृजक' ------------------------------ ------------------------------ ---- संस्कार भारती गाजियाबाद द्वारा द्वारा आयोजित -'पिता सृजन काव्य महोत्सव'  न केवल अकल्पनीय, अविस्मरणीय था बल्कि एक कीर्तिमान भी था।कीर्तिमान इसलिये कि एक ही प्रांगण में 250 कवियों का कविता पाठ और एक ही विषय 'पिता' पर। कवियों ने सृजन किया पिता विषय पर और 'सृजक' के रुप में दूसरा कीर्तिमान बन गया जो अब आपके हाथों में पहुँच रहा है। कवि,कथाकार,हाइकुकार,समीक्षक डॉ राजीव कुमार पाण्डेय और सुप्रसिद्ध लोकप्रिय हास्यकवि डॉ जयप्रकाश मिश्र के सम्पादन में प्रकाशित 'सृजक' काव्य संग्रह अनूठा,अद्भुत, अनुपम, इसलिए भी है क्योंकि केवल पिता विषय पर हिन्दी साहित्य जगत में प्रथम प्रयास है जिस ग्रन्थ में 116 रचनाकारों को सम्मलित किया गया हो। संस्कार भारती के अखिल भारतीय संरक्षक पद्मश्री बाबा योगेंद्र जी को समर्पित 'सृजक' काव्य ग्रन्थ देखने में ही आकर्षक नहीं है बल्कि इसकी रचनाएं भी स्तरीय है। इस ग्रन्थ में राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय कवियों की मनोहारी कविताएं...