आखिर ऊँट किस करवट बैठेगा?(व्यंग्य)
"आखिर ऊँट किस करवट बैठेगा" यह कहावत जमाने से चली आ रही है। कोई सा भी चुनाव हो लोग कहने से नहीं मानते - "देखो ऊँट किस करवट बैठे?"
जब वंशी छोटा था सोचता था आखिर ये ऊँट चुनाव में ही क्यों बैठता है, बैठता है तो कहाँ बैठता है, क्यों बैठता है और दिखाई क्यों नहीं देता?
पिछले विधान सभा चुनाव में जिस स्थान पर ऊँट बैठा था एक पार्टी ने तो रात और दिन के लिये अपने कार्यकर्ता लगा दिए थे इंस्पेक्शन करने के लिये जहाँ पर ऊँट बैठा था। ये सख्त हिदायत थी कि ये ऊँट अपनी साइड न बदल पाए जिस करवट बैठाया गया है उसी पोजिशन में रहना चाहिए ।
टकटकी लगाए देखते रहते कि सत्ताधारी पार्टी कहीं ऊँट से छेड़छाड़ न करदें सो ऊँट की करवट ही बदल जाये। लेकिन पता नहीं क्यों जब निर्धारित तिथि वाले दिन वोट खुले तो विपक्ष ने पूरे देश मे हंगामा कर दिया कि "ई वी एम" नाम के जंतु ने जरूर ऊँट को काटा है इसलिए इसकी करवट बदली वरना कोई हरा नहीं सकता था।
आजकल तो मीडिया भी रिसर्च करती है और वोट पड़ने के बाद ही एक्ज़िट पोल नाम का आविष्कार हंगामा करना शुरू कर देता है इस बार ऊँट किसके फेवर में बैठेगा। फिर मुँह में माइक घुसा के नेताओं से पूछा जाता है ऊंट की पोजिशन जानने के लिये। जिसके फेवर में एक्ज़िट पोल बताता है उनकी बाँछें खिल जाती हैं लेकिन जो हारता है वह भी दम भरता रहता है देखना ऊँट हमारी साइड में ही बैठेगा।
इन दो दिनों में बेचारा ऊँट परेशान हो जाता है कि किसके साथ रहे इन मीडिया वालों की टी आर पी बढायें या पार्टियों को खुश करें । बेचारा यही सोचकर एक ही करवट बैठा रहता है। जिसके विरुद्ध परिणाम आया वही आरोप लगाता है कि ऊँट के साथ छेड़खानी हुई है।
इतनी सेवा करता है बेचारा ऊँट फिर भी उसकी कोई जय नहीं बोलता । बेचारा असहाय होकर देखता रहता है मुझे छोड़कर अपने अपने इष्ट की जय बोली जा रही है सभी गिरगिट से रंग बदलकर किसी न किसी की जय बोल ही रहे हैं। इसी जयकारे के साथ रेवड़ियां फ्री में दी जायेंगी इसका वादा किया जा रहा है। बेचारा ऊँट कितना त्याग कर रहा है उसकी घास की कोई चिंता नहीं करता।
गर्मी के इलेक्शन गर्मी निकलना तो तय है मिट्टी में भी मिल जाएं तो बड़ी बात नहीं है। लेकिन बेचारा ऊँट अपना पसीना बहा रहा है अंदर बैठकर बड़े बड़े लॉक के अंदर। ऊपर से सी आर पी , मिलिट्री आदि का कठोर पहरा , कैमरे की निगरानी अलग से। उसका निष्ठा कोई नहीं देख रहा केवल जोर इस बात का है ये अपनी करवट न बदल पाये।
चलो देखते है तेरह तारीख को कि ऊँट की करवट आखिर किसके फेवर में रही , आप सभी से आग्रह है बस निगाह रखना , टी वी से या किसी अन्य जगह आप लोगों को मालूम पड़ जाये ऊँट की सही पोजीसन(करवट) तो बेचारे वंशी को जरूर बताना । बेचारे की जिंदगी निकली जा रही है अभी तक देख ही नहीं पाया ऊँट और उसकी करवट। आजकल तो सोशल मीडिया का युग है ऊँट की करवट वाली फोटो जरूर शेयर करना।
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